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भारत की GDP को लेकर इस ब्रोकरेज हाउस ने जारी किया नया अनुमान

 

ब्रोकरेज कंपनी यूबीएस सिक्योरिटीज ने वित्त वर्ष 2020-21 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 8.6 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया है। हालांकि, पहले इसने 5.8 प्रतिशत की गिरावट की भविष्यवाणी की थी। यूबीएस सिक्योरिटीज ने कहा कि उसने संकट से निपटने के लिए सरकार के कदम सहित अन्य कारकों को ध्यान में रखते हुए जीडीपी के नीचे के अनुमानों को संशोधित किया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक वृद्धि में गिरावट को रोकने के लिए ठोस कदमों के अभाव में, देश में विकास दर भी पहले के 7.1 प्रतिशत के मुकाबले 5.75 से घटकर 6.25 प्रतिशत रह गई है।

ब्रोकरेज कंपनी के मुख्य अर्थशास्त्री तन्वी गुप्ता जैन ने संवाददाताओं को बताया कि उच्च आवृत्ति डेटा में कुछ सुधार है लेकिन मुख्य कारण गिरावट के बाद मांग में सुधार है और सितंबर तिमाही के बाद आर्थिक पुनरुद्धार क्रमिक होगा। उल्लेखनीय है कि देश की जीडीपी चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में लगभग एक चौथाई गिर गई है। इसका एक प्रमुख कारण कोविद -19 मोहामा पर ताला लगाना और इसकी रोकथाम था। इससे आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। देश में सक्रिय मामलों की संख्या में वृद्धि जारी है और भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे संक्रमित देश बन गया है। जैन ने कहा कि अब जो पुनरुद्धार हम देख रहे हैं, वह नहीं चलने वाला है क्योंकि संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं और इसके साथ ही आय को लेकर अनिश्चितता भी बढ़ रही है। इसके कारण लोग खपत को कम कर रहे हैं जबकि अर्थव्यवस्था इस पर लगभग 60 प्रतिशत निर्भर है।

उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर, हमारा मानना ​​है कि 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद में 8.6 प्रतिशत की गिरावट आएगी। वहीं, 2021-22 में इसके 10 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। जैन ने महामारी से होने वाले नुकसानों, कॉरपोरेट लीडरों की समस्या और संकट पर हल्के रुख का हवाला देते हुए अर्थव्यवस्था में वृद्धि की अपेक्षित दर को भी संशोधित किया। उन्होंने कहा कि दिया गया राजकोषीय प्रोत्साहन केवल 1.8 प्रतिशत है और प्रोत्साहन के एक और दौर की तत्काल आवश्यकता है। जैन ने कहा कि भारत को मजबूत आर्थिक सुधारों के साथ ठोस राजकोषीय प्रोत्साहन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को बुनियादी ढांचे के विकास और निर्माण गतिविधियों पर खर्च करने की जरूरत है। इसके साथ ही गांवों और शहरों में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने के लिए भी पहल करने की जरूरत है।

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