मिट्टी संरक्षण के संकल्प के साथ माटी त्यौहार संपन्न

मिट्टी संरक्षण के संकल्प के साथ माटी त्यौहार संपन्न
 
मिट्टी संरक्षण के संकल्प के साथ माटी त्यौहार संपन्न

नारायणपुर :  शासन की मंशानुरूप अक्षय तृतीय के अवसर पर माटी पूजन त्यौहार आज कृषि विज्ञान केन्द्र में मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप मंे छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड अध्यक्ष एवं विधायक  चंदन कश्यप उपस्थित थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार की फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हम सब ने अपने खेतों में अधिकाधिक रसायनिक उर्वरकों का उपयोग कर अपने भूमि का उर्वरा शक्ति का ह्रास किया, इससे निरंतर कृषि की उर्वर क्षमता में कमी आयी और विभिन्न प्रकार के रोग उत्पन्न हुए। इन सबके निदान के लिए अब आवश्यक हो गया है कि हम सब पुरानी और परम्परागत खेती की ओर लौटे, अधिक से अधिक जैविक खाद, कम्पोस्ट खाद का इस्तेमाल करें और अपनी अपने वाली भावी पीढ़ी को अच्छी भूमि और शुद्ध वातावरण प्रदान करें। साथ ही पशुधन को भी बढ़ावा दें। कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष  श्यामबती नेताम और उपाध्यक्ष  देवनाथ उसेण्डी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  श्यामबती नेताम, उपाध्यक्ष  देवनाथ उसेण्डी, कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  देवेश कुमार ध्रुव, वनमंडलाधिकारी  थेजश शेखर मुख्य रूप से उपस्थित थे।

माटी पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक चंदन कश्यप ने माटीपूजन कर किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संदेश का वाचन भी किया। संदेश में कहा गया कि आज अक्षय तृतीया है, जिसे हम लोग अक्ती तिहार के रूप में मनाते हैं। अक्षय का अर्थ होता है, जिसका कभी क्षरण न हो। जिस भी काम आज शुरुआत होती है, उसकी पूर्णता निश्चित मानी जाती है। अक्ती का यह दिन हमारी संस्कृति के साथ-साथ हमारी कृषि परंपरा में भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। आज के दिन से ही नयी फसल के लिए तैयारी शुरू हो जाती है। मिट्टी के गुड्डे-गुड़ियों की शादी की परंपरा के माध्यम से हमारे पुरखों ने इस त्यौहार को हमारी धरती से भी जोड़ा है। उनका संदेश यही था कि हमारे जीवन का मूल यही माटी है। इसे हमेशा जीवत मानते हुए उसका आदर-सम्मान करना चाहिए।
संदेश में आगे कहा गया कि पिछले कुछ दशकों में हमने अपने खेतों में रासायनिक खादों और कीटनाशको का बहुत ज्यादा उपयोग किया है। इससे हमारी धरती की उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है। हमारे अनाज विषैले होते जा रहे हैं। हमारे स्वास्थ्य को नुकसान हो रहा है। हमारे पशुओं के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर हो रहा है। हम इस समय जिन तौर-तरीको से खेती कर रहे हैं. वह   प्रकृति की पूजा और सेवा की हमारी परंपरा के अनुरूप नहीं है।

यह समय अपनी स्वस्थ्य परंपराओं की ओर लौटने का समय है। अपनी माटी और अपनी धरती को यदि हमने अभी नहीं बचाया तो फिर बाद में बहुत देर हो चुकी होगी। इसीलिए पुरखों के बताए रास्ते पर चलते हुए आज अक्ती के शुभ दिन से हम छत्तीसगढ़ में माटी-पूजन महाभियान की शुरुआत कर रहे हैं। इस महाभियान में हम रासायनिक खादों और कीटनाशकों की जगह जैविक खाद वर्मी कंपोस्ट और गौ-मूत्र के उपयोग को ज्यादा से ज्याद बढ़ावा देंगे। रासायनिक खेती से प्रकृति और मानव जीवन को होने वाले नुकसान को लेकर लोगों को जागरूक करेंगे। अपने अन्न को रसायनों के विष से मुक्त करते हुए लोगों को जैविक अन्न के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगे। इन सबके साथ-साथ खेती-किसानों में आने वाली लागत के कम करते हुए अपनी खेती को और ज्यादा फायदेमंद बनाएंगे। प्रकृति के साथ अपने संबंध को फिर से मजबूत करेंगे।

किसानों को मिट्टी संरक्षण की दिलायी गयी शपथ:-
छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड अध्यक्ष एवं विधायक चंदन कश्यप ने किसानों सहित उपस्थित समुदाय को मिट्टी संरक्षण के संबंध में शपथ दिलायी। उन्होने शपथ दिलाते हुए कहा कि हम शपथ लेते हैं कि हम हमारी मिट्टी जिसे हम माता, भुईयां कहते है उसकी रक्षा करेंग। हम अपने खेत बगीचो और घरो में जैविक खाद का उपयोग करेंगे।हम ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे हमारी मिट्टी, पानी की सेहत खराब हो ।हम हानिकारक रसायनों के कारण भूमि जल को होने वाले नुकसान के प्रति सबको सचेत कर पर्यावरण की रक्षा करेंगे। हम आने वाली पीढ़ियों के लिए साफ पानी शुद्ध हवा और उपजाऊ मिट्टी बचाएंगे...।

किसानों एवं महिला समूहों को सामग्री का किया गया वितरण:-
माटी पूजन दिवस के अवसर पर कार्यक्रम के छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड अध्यक्ष एवं विधायक  चंदन कश्यप एवं अन्य अतिथियों ने क्षेत्र के किसानों एवं महिला स्व सहायता समूह के सदस्यांे को टूलकिट, बीज मिनीकिट एवं केला के पौधों का वितरण किया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता रत्ना नशीने, कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक  मनीष वर्मा, उपसंचालक कृषि  बीएस बघेल, उपसंचालक पशु विभाग पड़ौती सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधी एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

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