आर्थिक स्थिति को संभालने में मददगार साबित हुआ राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना

आर्थिक स्थिति को संभालने में मददगार साबित हुआ राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना
 
आर्थिक स्थिति को संभालने में मददगार साबित हुआ राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना

धमतरी :  घर की जरूरतें, बच्चों की पढ़ाई और आर्थिक स्थिति को संभालने में मददगार साबित हो रहा है, शासन की महती राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना। यह कहना है नगरी के छिपली निवासी  टिकेश नवरंग का। वहीं ग्राम छिपली की ही 30 वर्षीय  शांतिबाई मरकाम कहती हैं कि योजना के तहत मिले दो किश्तों से उन्होंने घर में कुछ सामान और अपने दो बच्चों के लिए कपड़े वगैरह खरीदे हैं। नगरी विकासखण्ड मुख्यालय से छः किलोमीटर दूर स्थित छिपली के ही  ओमप्रकाश टंडन बताते हैं कि उन्हें योजना के तहत फरवरी और मार्च माह में दो किश्त मिली है। इससे उन्होंने घर की जरूरतों को पूरा किया है। साथ ही अपने बच्चों की पढ़ाई में भी इसका इस्तेमाल किया है। वहीं कृषि मजदूरी करने वाले  रूपेश निषाद बताते हैं कि फिलहाल वे अपने घर की मरम्मत में इस राशि का उपयोग कर रहे हैं। छिपली के  पवन कुमार सेन ने दो किश्तों में मिली अनुदान सहायता राशि का उपयोग अपनी बीमार माँ के इलाज में किया। वे प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल का पूरे दिल से शुक्रिया अदा करते हुए कहते हैं कि यह योजना वास्तव में गरीब के साथ न्याय करने में मददगार साबित हो रही है।


    ज्ञात हो कि वर्ष 2021-22 में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ग्रामीण कृषि भूमिहीन मजदूरों के लिए यह योजना शुरू की है। इसमें पात्र हितग्राही परिवार को अनुदान सहायता राशि दी जाती है। अब तक जिले के 16 हजार 299 लोग योजना के तहत पात्र पाए गए हैं। हितग्राहियों को अब तक दो किश्तों में दो-दो हजार की राशि प्रदाय की गई है। यह अनुदान सहायता एक तरह से कृषि मजदूरी में संलग्न ग्रामीण परिवारों को संबल प्रदाय कर रहा है। उनके शुद्ध आय में वृद्धि करते हुए उन्हें मदद कर रहा है। प्रदेश सरकार ने इस वित्तीय सत्र में एक और अहम फैसला करते हुए अनुदान सहायता राशि 6000 से बढ़ाकर 7000 रूपए करने की घोषणा भी की है। यह तय है कि इससे ग्रामीण कृषि मजदूर परिवारों की कई जरूरतें पूरी हो पाएंगी।

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