मध्यप्रदेश में राजनीति सदैव राष्ट्रवादी रही है, यहाँ क्षेत्रीयता पर राजनीति को कभी आधार नहीं मिला :CM चौहान

मध्यप्रदेश में राजनीति सदैव राष्ट्रवादी रही है, यहाँ क्षेत्रीयता पर राजनीति को कभी आधार नहीं मिला :CM चौहान
 
मध्यप्रदेश में राजनीति सदैव राष्ट्रवादी रही है, यहाँ क्षेत्रीयता पर राजनीति को कभी आधार नहीं मिला :CM चौहान

भोपाल :  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश की राजनीति कभी भी व्यक्तिवादी नहीं रही। मध्यप्रदेश में सदैव राष्ट्रवादी राजनीति के स्वर मुखर रहे हैं। यहाँ क्षेत्रीयता पर राजनीति को कभी आधार प्राप्त नहीं हुआ। मध्यप्रदेश में दो ध्रुवीय राजनीति की परम्परा रही है। मुख्यमंत्री  चौहान सुप्रतिष्ठित राजनैतिक विश्लेषक गिरिजा शंकर की दो पुस्तकें "समकालीन राजनीति-मध्यप्रदेश'' और "चुनावी राजनीति-मध्यप्रदेश'' के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। पूर्व केन्द्रीय मंत्री  सुरेश पचौरी, समाजवादी चिंतक  रघु ठाकुर, जन-प्रतिनिधि, साधना सिंह चौहान, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि गिरिजा शंकर की पुस्तकों में प्रदेश की सभी राजनैतिक परिस्थितियों का यथार्थपरक विवरण है। पुस्तकें प्रदेश के गठन के बाद की सभी घटनाओं का विस्तृत और सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए आगे बढ़ती हैं। लेखक द्वारा प्रस्तुत राजनैतिक दलों और राजनैतिक व्यक्तित्वों का गहराई और व्यापकता से सटीक विवरण प्रभावित करता है।  गिरिजा शंकर जैसे विश्लेषक और अध्येता की वर्तमान और आगे आने वाली पीढ़ी को बहुत आवश्यकता है। उनकी पुस्तकें राजनैतिक जगत में सक्रिय व्यक्तियों, शोधकर्ताओं, पत्रकारों और सामान्यत: प्रदेश की राजनीति में रूचि रखने वालों के लिए उपयोगी और प्रदेश के परिदृश्य के संबंध में गहरी समझ विकसित करने में सहायक है।

मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि गिरिजा शंकर का निष्पक्ष दृष्टिकोण, लेखन और कृतित्व उन्हें विशिष्ट स्थान प्रदान करता है। गीता के श्लोक के अनुसार लगाव से मुक्त अपेक्षारहित, अभिमान से दूर धैर्यशील, हर परिस्थिति में सम रहने वाले सरल व्यक्तित्व के धनी  गिरिजा शंकर उत्साह से परिपूर्ण रहते हैं। वे अपने सम्पर्क में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को उत्साहित बनाए रखने का सामर्थ्य भी रखते हैं।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री  सुरेश पचौरी ने कहा कि मध्यप्रदेश में राजनैतिक प्रतिस्पर्धा तो होती है, राजनैतिक शत्रुता नहीं होती। राजनीति में व्यवहार की शालीनता, प्रदेश की धरोहर हैं, यहाँ चुनावों के बाद सत्ता के हस्तांतरण की प्रक्रिया में भी शालीनता विद्यमान रहती है।  गिरिजा शंकर की पुस्तकों ने प्रदेश के राजनैतिक घटनाक्रम को आगे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित किया है।

समाजवादी चिंतक  रघु ठाकुर ने कहा कि  गिरिजा शंकर की पुस्तकें प्रदेश में सक्रिय सभी राजनैतिक दलों को कुछ न कुछ सबक देती हैं। राजनैतिक घटनाक्रम के वास्तविक वर्णन से ही यह संभव हुआ है। यह पुस्तकें राजनैतिक शोधार्थियों और राजनीति में सक्रिय रहने वालों के लिए उपयोगी हैण्डबुक सिद्ध होंगी।

वरिष्ठ पत्रकार तथा राजनैतिक विश्लेषक गिरिजा शंकर ने कहा कि यह पुस्तकें लिखना एक सपने के साकार होने जैसा था। उन्होंने पुस्तकों की सृजन यात्रा का विवरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार  मनोज कुमार ने किया।

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