बैंक सखी द्वारा घर पहुंच बैंकिंग सुविधा

बैंक सखी द्वारा घर पहुंच बैंकिंग सुविधा
 
बैंक सखी द्वारा घर पहुंच बैंकिंग सुविधा बीजापुर :  बीजापुर एक नक्सल प्रभावित जिला हैए जिला मुख्यालय से दूरी एवं बैंकिंग सेवाओं में दिक्कतेए गर्मीए बरसात जैसे दिनों में ग्रामीणों को बैंक की लंबी कतार से निजात दिलाने ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों में बैंक सुविधाओं का विस्तार ए बैंकिंग सुविधाओं को घर में पहुंच सुनिश्चित करने में  राष्ट्रीय आजीविका मिशन ; छत्स्ड द्ध के बैंक सखी का विशेष योगदान है। जिले के स्व.सहायता समूह की महिलाएं वित्तीय समावेशन के लीडर के रुप में उभर रहे हैं। कोरोना काल जैसे विपरीत परिस्थितियों में ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों लोगों के जीवन और आजीविका को प्रभावित किया है। बीजापुर जिले में महामारी की तीव्रता अधिक गंभीर थी। इस विपरीत परिस्थिति में ग्रामीण जनता के बीच नगदी की सख्त जरुरत को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने समस्या का निराकरण करने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व.सहायता समूह की 66 महिलाओं को प्रशिक्षण के बाद बैंक सखियों के कैडर के रुप में नियुक्त किया। यह बैंक सखी सुदूर क्षेत्रों मेए वृद्धा पेंशनए दिव्यांग पेंशनए छात्रवृत्तिए मनरेगा मजदूरी भुगतानए तेन्दूपत्ता संग्रह भुगतानए गोधन न्याय योजनाए राजीव गांधी किसान न्याय योजनाए सामाजिक सुरक्षा पेंशनए जैसे विभिन्न लाभार्थियों को घर पहुंच नगद निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराई। विगत 13 महीनों में बैंक सखियों ने 35 हजार से अधिक लाभार्थियों को 4 करोड़ की राशि उनके घर पर पहुंच कर उपलब्ध कराया। बैंक सखी एटीएम की तरह कार्य करती है। यदि किसी हितग्राही को  पैसे निकालने होए हो उन्हें केवल अपने आधार कार्ड नबंर बैंक सखी को दिखाना होगा। फिर बैंक सखी ईपीएस डिवाईस पर लिए अंगूठे के निशान के साथ बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की पुष्टि करती है। और पुष्टि के पश्चात् राशि का भुगतान किया जाता है। बैंक सखियों की लेन.देन राशि के आधार पर कमीशन प्राप्त होता है जिससे बैंक सखी को अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो रही है।

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