43 सप्ताह के कठिन परिश्रम के पश्चात आया दीक्षांत परेड का मौका, 1237 जवानों के सपने हुए पूरे

43 सप्ताह के कठिन परिश्रम के पश्चात आया दीक्षांत परेड का मौका, 1237 जवानों के सपने हुए पूरे
 
43 सप्ताह के कठिन परिश्रम के पश्चात आया दीक्षांत परेड का मौका, 1237 जवानों के सपने हुए पूरे

दुर्ग :  43 सप्ताह के कठिन परिश्रम के पश्चात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों का जो हुनर निखरा, उसे देखकर दीक्षांत परेड सेरेमनी में दर्शक चकित रह गये। जवानों ने अनेक करतबों का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर बल के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र, उतई, भिलाई में 81वें बैच आरक्षक /जीडी के बुनियादी कोर्स में 1237 बल सदस्यों ने हिस्सा लिया।

       इस शपथ समारोह की परेड का नेतृत्व आरक्षक/जीडी वैशाख ने किया। इस समारोह के मुख्य अतिथि अशोक जुनेजा पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़, ने परेड की सलामी ली। महानिरीक्षक मध्य खण्ड,   संजय प्रकाश तथा केऔसुब आर.टी.सी भिलाई के उप महानिरीक्षक  हिमाशु पांडेय, ने मुख्य अतिथि महोदय का स्वागत किया ।

     इस अवसर पर केऔसुब महानिरीक्षक, मध्य खण्ड संजय प्रकाश ने अपने स्वागत भाषण व कोर्स रिपोर्ट मे अवगत कराया कि इस प्रशिक्षण मे विभिन्न राज्यों के प्रशिक्षणार्थी शामिल है। उन्होने आगे बताया कि इन प्रशिक्षणार्थियों को 43 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है जिसमें इन्हें औद्योगिक एवं आंतरिक सुरक्षा के अतिरिक्त विभिन्न विषयों जैसे मेजर एक्टस, माइनर एक्टस, मानव अधिकार फील्ड क्राफ्ट, यूएसी तथा विभिन्न आधुनिक हथियारों का गहन प्रशिक्षण दिया गया है।


        शपथ समारोह के मुख्य अतिथि  अशोक जुनेजा, पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ ने अपने उद्बोधन में प्रशिक्षणार्थियों को राष्ट्र की बदलती परिस्थितियों व जरूरतों के अनुसार स्वंय को तैयार रखने का आह्वान किया, साथ ही साथ अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता एवं लगन के साथ करने का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुलदीप सिंह को ट्राफी व प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

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