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विदेश में तेजी, शादी-ब्याह की मांग से लगभग सभी तेल-तिलहनों में सुधार

नई दिल्ली । विदेशी बाजारों में तेजी के रुख तथा देश में शादी-विवाह तथा जाड़े...
 
विदेश में तेजी, शादी-ब्याह की मांग से लगभग सभी तेल-तिलहनों में सुधार

नई दिल्ली । विदेशी बाजारों में तेजी के रुख तथा देश में शादी-विवाह तथा जाड़े के मौसम की मांग बढऩे के कारण देशभर के तेल-तिलहन बाजारों में सरसों, सोयाबीन तेल-तिलहन, बिनौला, सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतें लाभ के साथ बंद हुईं। मूंगफली के खल की मांग बढऩे से मूंगफली दाना में सुधार देखने को मिला।


बाजार सूत्रों ने कहा कि जाड़े के मौसम में हल्के तेलों की मांग बढऩे, शादी-विवाह के सीजन और विदेशी बाजारों में तेजी का रुख होने से लगभग सभी तेल-तिलहनों के भाव लाभ के साथ बंद हुए। विदेशी बाजारों में पॉल्ट्री कंपनियों की मूंगफली के तेल रहित खल (डीओसी) की मांग बढऩे से मूंगफली दाना में सुधार आया जबकि सोयाबीन के डीओसी की मांग बढऩे से सोयाबीन दाना एवं लूज के भाव भी सुधार के साथ बंद हुए। उन्होंने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में दो प्रतिशत की तेजी है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में फिलहाल आधा प्रतिशत की तेजी है। उन्होंने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में तेजी होने के कारण सीपीओ और पामोलीन तेलों के भाव लाभ के साथ बंद हुए। इसी तरह शिकॉगो एक्सचेंज में तेजी की वजह से सोयाबीन तेल-तिलहन कीमतों में सुधार आया। किसान कम भाव में सोयाबीन बेचने से कतरा रहे हैं क्योंकि उनकी लागत नहीं निकल पा रही है। हल्का तेल होने की वजह बिनौला की मांग बढऩे से बिनौला तेल कीमत में भी सुधार देखने को मिला।


सरसों की खुदरा कारोबारियों की मांग बढऩे के बीच जयपुर में सरसों का भाव 30 रुपये बढ़ाकर 9,055-9,085 रुपये क्विंटल (अधिभार समेत) कर दिया गया जिससे सरसों तेल-तिलहनों के भाव मजबूत हो गये। सूत्रों ने कहा कि जाड़े तथा शादी-विवाह के सीजन में सरसों की मांग बढ़ रही है और इसकी उपलब्धता कम हो रही है। उन्होंने कहा कि देशभर की मंडियों में सरसों की आवक डेढ़ लाख बोरी से घटकर 1.35 लाख बोरी रह गई है।


सूत्रों ने कहा कि सरकार को आयात शुल्क कम-ज्यादा करने के बजाय गरीब उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से उन्हें सरसों और सोयाबीन तेल उपलब्ध कराना चाहिए, जैसा कि हरियाणा और हिमाचल प्रदेश द्वारा किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि पीडीएस के जरिये तेल वितरण करने के लिए हाफेड को अपने नारनौल और रेवाड़ी (हरियाणा) की तेल मिलों की पूरी क्षमता का इस्तेमाल करना चाहिये ताकि ग्राहकों को शुद्ध सरसों तेल मिल सके। सरकार को शुल्क कम ज्यादा करने के बजाय देश में तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भरता हासिल करने के सतत प्रयास करना चाहिये। बाकी तेल-तिलहनों के भाव अपरिवर्तित रहे।
बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन – 9,055 – 9,085 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली – 5,950 – 6,035 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,350 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,955 – 2,080 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 17,850 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,750 -2,775 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,830 – 2,940 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी – 16,700 – 18,200 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,620 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,170 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,970
सीपीओ एक्स-कांडला- 11,350 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,500 रुपये।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,950 रुपये।
पामोलिन एक्स- कांडला- 11,780 (बिना जीएसटी के)।
सोयाबीन दाना 6,075 – 6,175, सोयाबीन लूज 6,050 – 6,100 रुपये।
मक्का खल (सरिस्का) 3,825 रुपये।

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