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नीति आयोग ने एसडीजी इंडिया इंडेक्स और डैशबोर्ड 2020-21 जारी किया

नई दिल्ली। नीति आयोग द्वारा आज एसडीजी इंडिया इंडेक्स और डैशबोर्ड 2020-21 का तीसरा संस्करण...
 
नीति आयोग ने एसडीजी इंडिया इंडेक्स और डैशबोर्ड 2020-21 जारी किया

नई दिल्ली। नीति आयोग द्वारा आज एसडीजी इंडिया इंडेक्स और डैशबोर्ड 2020-21 का तीसरा संस्करण जारी किया गया। वर्ष 2018 में अपने उद्घाटन के बाद से, यह सूचकांक व्यापक रूप से सतत विकास लक्ष्यों(एसडीजी) को प्राप्त करने की दिशा में राज्यों और केन्द्र- शासित प्रदेशों द्वारा की गई प्रगति का दस्तावेजीकरण और उनकी रैंकिंग निर्धारित कर रहा है। अब अपने तीसरे वर्ष में, यह सूचकांक देश में सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी)से जुड़ी प्रगति की निगरानी का प्राथमिक उपकरण बन गया है और साथ ही साथ इसने राज्यों और केन्द्र- शासित प्रदेशों के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया है।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने डॉ. विनोद पॉल, सदस्य (स्वास्थ्य), नीति आयोग, श्री अमिताभ कांत, सीईओ,नीति आयोगऔर सुश्री संयुक्ता समाद्दार, सलाहकार (एसडीजी), नीति आयोगकी उपस्थिति में ‘एसडीजी इंडिया इंडेक्स और डैशबोर्ड 2020-21: पार्टनरशिप्स इन द डिकेड ऑफ एक्शन’ शीर्षक रिपोर्ट जारी की। नीति आयोग द्वारा परिकल्पित और विकसित, इस सूचकांक को प्राथमिक हितधारकों- राज्यों और केन्द्र – शासित प्रदेशों; भारत में संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों; सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई)और अन्य प्रमुख केन्द्रीय मंत्रालयों के साथ व्यापक परामर्श के बाद तैयार किया गया है।

इस रिपोर्ट को जारी करने के अवसर पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि “एसडीजी इंडिया इंडेक्स और डैशबोर्ड के माध्यम से एसडीजी की निगरानी के हमारे प्रयास पर दुनिया भर में व्यापक रूप से गौर किया और सराहा जा रहा है। एसडीजी पर एक समग्र सूचकांक की गणना करके हमारे राज्यों और केन्द्र- शासित प्रदेशों को वर्गीकृत करने का यह एक दुर्लभ डेटा-संचालित पहल है। हमें विश्वास है कि यह प्रेरणा और अनुकरण का विषय बना रहेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी के प्रयासों को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।”

अब जबकि 2030 एजेंडा को प्राप्त करने की दिशा में हमने एक तिहाई यात्रा पूरी कर ली है और इसके आगे की यात्रा अभी बाकी है, इस सूचकांक रिपोर्ट का यह संस्करण एक विषय के रूप में साझेदारी के महत्व पर केन्द्रित है। नीति आयोग के सीईओ श्री अमिताभ कांत ने कहा कि “यह रिपोर्ट एसडीजी प्रयासों के दौरान हमारे द्वारा बनाई और मजबूत की गई साझेदारी को दर्शाती है। इसमें वर्णित विवरण इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि कैसे सहयोग से जुड़े पहलों के परिणाम बेहतर और अधिक प्रभावी हो सकते हैं।”

साझेदारी के विषय पर, जोकि लक्ष्य 17 काकेन्द्रीय तत्व है, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. विनोद पॉल ने कहा कि “यह साफ है कि साथ मिलकर काम करके हम एक अधिक लचीला और टिकाऊ भविष्य का निर्माण कर सकते हैं, जहां कोई भी पीछे नहीं छूटेगा।”

सुश्री संयुक्ता समाद्दार, सलाहकार (एसडीजी), नीति आयोग ने कहा कि “2018 में इस रिपोर्ट के पहले संस्करण में 62 संकेतकों के साथ 13 लक्ष्यों को कवर करने से लेकर इसके तीसरे संस्करण में लक्ष्य 17 के बारे में गुणात्मक मूल्यांकन के साथ इस महत्वपूर्ण उपकरण को परिष्कृत करने की दिशा में किए गए हमारे निरंतर प्रयासों को दर्शाते हुए115 मात्रात्मक संकेतकों पर 16 लक्ष्यों को शामिल किया गया है।”

भारत में संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से विकसित एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2020-21सभी राज्यों और केन्द्र – शासित प्रदेशों की प्रगति को उन 115 संकेतकों पर आंकता है जो सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई)के राष्ट्रीय संकेतक फ्रेमवर्क (एनआईएफ) से जुड़े हैं। प्रत्येक संस्करण के साथ इस महत्वपूर्ण उपकरण को परिष्कृत और बेहतर बनाने की पहल निरंतर बेंचमार्क प्रदर्शन एवं प्रगति को मापने और राज्यों एवंकेन्द्र – शासित प्रदेशों से जुड़े नवीनतम एसडीजी-संबंधित डेटा की उपलब्धता के हिसाब से की गई है। इन 115 संकेतकों के चयन की प्रक्रिया में केन्द्रीय मंत्रालयों के साथ किए गए कई दौर के परामर्श शामिल थे। सभी राज्यों और केन्द्र – शासित प्रदेशों से प्रतिक्रिया मांगी गई थी और उन्होंने स्थानीयकरण के इस उपकरण के एक आवश्यक हितधारक और दर्शक के रूप मेंअपनी स्थानीय अंतर्दृष्टि और जमीनी अनुभवों से राय लेने की इस प्रक्रिया को समृद्ध करके सूचकांक को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2020-21 राष्ट्रीय संकेतक फ्रेमवर्क (एनआईएफ) केसाथ अपेक्षाकृत अधिक साम्य रखते हुए लक्ष्यों और संकेतकों के व्यापक कवरेज की वजह से पिछले संस्करणों की तुलना में अधिक मजबूत है। कुल 115 संकेतक लक्ष्य -17 के बारे में गुणात्मक मूल्यांकन के साथ कुल 17 सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में से 16 को शामिल करते हैंऔर 70 एसडीजी से जुड़े प्रयोजनों को कवर करते हैं। यह इस सूचकांक के 2018-19 और 2019–20 के संस्करणों, जिनमें क्रमशः 39 प्रयोजनों एवं 13 लक्ष्यों पर 62 संकेतकों और 54 प्रयोजनों एवं 16 लक्ष्यों पर 100 संकेतकों का उपयोग किया गया था, की तुलना में एक सुधार है।

एसडीजी इंडिया इंडेक्स प्रत्येक राज्य और केन्द्र – शासित प्रदेश के लिए 16 एसडीजी पर लक्ष्य-वार स्कोर की गणना करता है। कुल मिलाकर राज्य और केन्द्र – शासित प्रदेश के स्कोर 16 एसडीजी पर उनके प्रदर्शन के आधार पर उप-राष्ट्रीय इकाई के समग्र प्रदर्शन को मापने के लिए गणना किये गये लक्ष्य-वार स्कोर में से निकाले जाते हैं। ये स्कोर 0-100 के बीच होते हैं, और अगर कोई राज्य/केन्द्र- शासित प्रदेश 100 का स्कोर प्राप्त करता है, तो यह इस तथ्य को दर्शाता है कि उस राज्य/केन्द्र – शासित प्रदेश ने 2030 के लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। किसी राज्य/केन्द्र – शासित प्रदेश का स्कोर जितना अधिक होगा, उतनी ही अधिक दूरी तक उसने लक्ष्य हासिल कर लिया होगा।

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