(कोरबा) कुसमुंडा खदान में ग्रामीणों ने पांच घंटे बंद कराया काम

कोरबा 22 जुलाई (आरएनएस)। कुसमुंडा के प्रभावित ग्राम बरकुटा व पाली. पड़निया के प्रभावितों ने खदान का काम बंद कर दिया। नौकरी की मांग कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि प्रबंधन द्वारा उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है। इसे आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है। लगभग पांच घंटे चले
 

कोरबा 22 जुलाई (आरएनएस)। कुसमुंडा के प्रभावित ग्राम बरकुटा व पाली. पड़निया के प्रभावितों ने खदान का काम बंद कर दिया। नौकरी की मांग कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि प्रबंधन द्वारा उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है। इसे आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है। लगभग पांच घंटे चले आंदोलन के बाद समझाइश देने पर समाप्त किया गया। इस दौरान खदान में कोयला उत्खनन का काम बंद रहा।
साउथ इस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड ;एसईसीएलद्ध की मेगा परियोजन गेवराए दीपका व कुसमुंडा में प्रभावितों का आंदोलन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हर सप्ताह हो रहे आंदोलन की वजह से कामकाज प्रभावित हो रहा है और इसका असर कोयला उत्पादन पर पड़ रहा है। गुरूवार को कुसमुंडा खदान के प्रभावित ग्राम बरकुटा व पाली. पड़निया के ग्रामीणों ने एकाएक आंदोलन कर दिया। खदान के बरकुटा फेस में नीचे उतर कर कोयला उत्खनन का काम बंद करा दिया। जानकारी मिलने पर एसईसीएल के जिम्मेदार अधिकारी स्थल पर पहुंचे और वार्ता किए। ग्रामीणों ने कहा कि केवल आश्वासन देकर उन्हें लौटाया जा रहा हैए पर उनकी नौकरी समेत अन्य मांग पूरी नहीं का जा रही है। प्रबंधन ने कहा कि जल्द ही इस मुद्दे पर बैठक आयोजित कर समस्या का निदान किया जाएगा। इसके बाद रात 8ण्30 बजे आंदोलन खत्म किया गया। यहां बताना होगा कि आंदोलन की वजह से एसईसीएल अपने उत्पादन लक्ष्?य से काफी पीछे चल रही है। लक्ष्?य हासिल करने के लिए लगातार दबाव बना हुआ हैए पर ग्रामीण आंदोलन कर काम बंद करा दे रहे है।

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