सरकारी हेलीकॉप्टर क्रैश : ब्लैक बॉक्स से पता चलेगा हादसे का कारण

रायपुर, 13 मई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एयरपोर्ट पर बीती रात बड़ा हादसा हुआ। यहां छत्तीसगढ़ सरकार का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया जिसके कारण इसमें सवार दो पायलट की मौत हो गई। जो हेलीकाप्टर क्रैस हुआ है उसे छत्तीसगढ़ सरकार ने 2007 में खरीदा था। 2007 में ही छत्तीसगढ़ सरकार एक हेली काप्टर
 

सरकारी हेलीकॉप्टर क्रैश : ब्लैक बॉक्स से पता चलेगा हादसे का कारण

रायपुर, 13 मई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एयरपोर्ट पर बीती रात बड़ा हादसा हुआ। यहां छत्तीसगढ़ सरकार का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया जिसके कारण इसमें सवार दो पायलट की मौत हो गई। जो हेलीकाप्टर क्रैस हुआ है उसे छत्तीसगढ़ सरकार ने 2007 में खरीदा था। 2007 में ही छत्तीसगढ़ सरकार एक हेली काप्टर मैना क्रैस हो गया था उसक बाद इस हेली काप्टर को खरीदा गया था। मौजूदा सीएम भूपेश बघेल भी इस हेलीकाप्टर से कई दौर कर चुके हैं।
हेलीकाप्टर प्रैक्टीस के दौरान क्रैस हुआ था। कैप्टन गोपाल कृष्ण पांडा और कैप्टन एपी श्रीवास्तव हेलीकाप्टर से फ्लाइंग प्रैक्टिस कर रहे थे और तभी यह हादसे का शिकार हो गया।
कैप्टन पांडा ओडिशा के रहने वाले हैं और वे कुछ सालों से छत्तीसगढ़ में सीनियर पायलट के रूप में काम कर रहे थे। वहीं कैप्टन श्रीवास्तव दिल्ली के रहने वाले थे। हादसे के बाद दोनों का अस्पतात पहुंचाया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
इधर जानकारी मिली है कि क्रैस हेलिकॉप्टर का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि ब्लैक बॉक्स से हेलीकाप्टर के क्रैस होने का कारण पता चल पाएगा। इसमें उस वक्त के मैसेज रिकार्ड होंगे जो हेलीकाप्टर क्रैस होने से पहले दोनों पायलट द्वारा दिए गए हों। जांच टीम इसके जरिए हादसे के कारणों का पता लगाएगी। वैसे अनुमान लगाया जा रहा है कि हेलीकाप्टर के इंजन में खराबी आने से यह क्रैस हुआ था। फिलहाल इस हादसे की जांच की जा रही है।
जो हेलीकाप्टर क्रैस हुआ है वह अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी का है। कंपनी इसे एक बेहतर हेलिकॉप्टर बताती रही है। कंपनी का कहना है कि इस हेलीकाप्टर को ऐसे क्षेत्रों में पहुंचने के लिए बनाया गया है जहां पहुंचना कठिन होता है। यह हेलिकॉप्टर 310 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से लगभग 10,000 फीट की ऊंचाई पर उडऩे की क्षमता रखता है। इस हेलिकॉप्टर में दो टरबाइन इंजन,ऑटो पायलट, बेहतर लैंडिंग सिस्टम, नेविगेशन, मौसम रडार सिस्टम जैसी सुविधाएं मौजूद थी। इसके बाद भी हेलीकाप्टर क्रैस हो गया।
गौरतलब हो कि 15 साल पहले छत्तीसगढ़ 14 जुलाई 2007 विमानन विभाग का यूरोकॉप्टर मैना क्रैस हो गया था। भोपाल से मरम्मत के बाद रायपुर के लिए रवाना हुआ हेलीकाप्टर मैना का संपर्क दोपहर बाद कट गया। इसके बाद इकी तलाश शुरू की गई थी। अब तक यह पता चल चुका था कि हेलीकाप्टर क्रैस हो चुका है। 17 जुलाई को हेलीकाप्टर के बारे में पता चला। छत्तीसगढ़ की सीमा से दो किलोमीटर दूर बालाघाट के लांजी तहसील में हेलीकाप्टर का मलबा मिला। बचार टीम पहुंची तो उन्होंने हेलीकाप्टर में सवार पायलट सहित सभी चारों के शव बरामद किए गए थे।

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